उज्जैन। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार सुबह जोन क्रमांक-06 अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के स्वच्छता निरीक्षक एवं दरोगा द्वारा क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड परिसर में खुले में कचरे का ढेर पाया गया।
जांच में सामने आया डी-मार्ट का कचरा
नगर निगम अमले ने जब कचरे की जांच की तो उसमें तेल के पाउच, रेट लिस्ट के कागज, डिस्पोजल ग्लास सहित अन्य सामग्री मिली। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित कचरा डी-मार्ट द्वारा खुले में फेंका गया था।
पहले किया इंकार, वीडियो देखने के बाद मानी गलती
स्वास्थ्य विभाग का अमला जब डी-मार्ट पहुंचा और प्रबंधन को खुले में कचरा फेंकने की जानकारी दी गई तो प्रारंभ में मैनेजर ने कचरा अपना होने से इंकार कर दिया। इसके बाद स्वच्छता निरीक्षक एवं दरोगा द्वारा कचरे से संबंधित वीडियो साक्ष्य दिखाए गए। वीडियो में मिले सामान के आधार पर डी-मार्ट प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार कर ली।
मैनेजर ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने और शहर की स्वच्छता बनाए रखने का आश्वासन भी दिया।
निगम ने लगाया 10 हजार रुपये का जुर्माना
नगर निगम द्वारा डी-मार्ट पर खुले में कचरा फेंकने के मामले में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।उक्त कार्रवाई स्वच्छता निरीक्षक श्री बंटी लोट एवं दरोगा लखन डागर द्वारा की गई।